Sunday 27th of September 2026

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रायगढ़ : रायगढ़: छात्र अधिकारों के लिए NSUI का हल्ला बोल;

रायगढ़।( न्यूज़ उड़ान) छात्र हितों और रोजगार की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने जिला मुख्यालय में जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। “छात्र अधिकार रैली” के बैनर तले जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस को पानी की बौछार (वाटर कैनन) का प्रयोग करना पड़ा।

​हंगामेदार रहा प्रदर्शन: पुलिस से हुई सीधी भिड़ंत

​रैली की शुरुआत में ही छात्र बेहद आक्रामक नजर आए। जैसे ही प्रदर्शनकारी कलेक्टोरेट के करीब पहुंचे, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने पुलिस के घेरे को तोड़ने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

​पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच पुलिस ने NSUI जिलाध्यक्ष आरिफ हुसैन सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बसों में भरकर उर्दना पुलिस लाइन भेज दिया। ​प्रशासन पर भेदभाव के गंभीर आरोप

​प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। NSUI का आरोप है कि:

​प्रशासन सत्ता पक्ष के संगठनों (ABVP और RSS) के प्रति नरम रुख अपनाता है।

​विपक्षी छात्र संगठनों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।

​छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और उनके आयोजनों पर अनावश्यक पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

​7 सूत्रीय मांगें: स्थानीय युवाओं के लिए 70% आरक्षण पर जोर

​NSUI ने अपर कलेक्टर प्रियेश टोप्पो को सौंपे गए ज्ञापन में 7 प्रमुख मांगें रखी हैं:

क्र. सं.

प्रमुख मांगें

01

स्थानीय आरक्षण: एनटीपीसी, अडानी और जिंदल जैसे उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70% रोजगार सुनिश्चित हो।

02

प्लेसमेंट सेल: डिग्री, कॉमर्स, गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक में अनिवार्य प्लेसमेंट सेल का गठन।

03

कैंपस इंटरव्यू: कॉलेजों में नियमित रूप से उद्योगों के साथ एमओयू (MoU) कर कैंपस प्लेसमेंट आयोजित करना।

04

सीटों में वृद्धि: आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाना और नए तकनीकी ट्रेड शुरू करना।

05

समान व्यवहार: सभी छात्र संगठनों के साथ प्रशासन का व्यवहार निष्पक्ष और एकसमान होना चाहिए।

06

उच्च स्तरीय जांच: छात्र संगठनों के कार्यक्रमों में पुलिसिया हस्तक्षेप और जांच की निष्पक्ष जांच हो।

“15 दिन का अल्टीमेटम, वरना जिला होगा बंद”

​ज्ञापन सौंपने के बाद छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल एक शुरुआत है। जिलाध्यक्ष आरिफ हुसैन ने कहा,

​”अगर 15 दिनों के भीतर हमारी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो NSUI उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। अगले चरण में हम रायगढ़ जिला बंद, उद्योगों का घेराव और अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे।”

​अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि छात्रों की मांगों को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सांकेतिक गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया है, लेकिन शहर में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है।

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