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कोरबा : कलेक्टर की तालियों ने बढ़ाया हौसला, आंगनबाड़ी में बच्चों ने सुनाई ए-बी-सी-डी।

कोरबा( न्यूज उड़ान )

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने जब कलेक्टर कुणाल दुदावत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर निकले, तो ग्राम लेमरू में एक दिलचस्प और आत्मीय दृश्य देखने को मिला।

सड़क किनारे स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर नजर पड़ते ही कलेक्टर ने अपनी गाड़ी रुकवाई और अचानक केंद्र के भीतर पहुंच गए।

अचानक पहुंचे इस अपरिचित व्यक्ति को देखकर आंगनबाड़ी में मौजूद छोटे-छोटे बच्चे और कार्यकर्ता कुछ पल के लिए अचंभित रह गए।

बच्चों के चेहरों पर कौतूहल था और कमरे में कुछ क्षणों के लिए खामोशी छा गई। बच्चों की झिझक को समझते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा...आपमें से कौन ए, बी, सी, डी सुनाएगा? पहले तो कोई भी बच्चा कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ।

तभी एक बच्चे ने धीमे से कहा, मुझे आता है, सब पता है...कलेक्टर ने उसे प्रोत्साहित करते हुए कहा..अगर आता है तो सुना दो। बच्चा फिर भी झिझकता रहा और बस यही दोहराता रहा कि उसे सब पता है।

तब कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा कि जो बच्चा ए, बी, सी, डी सुनाएगा, उसे टॉफी मिलेगी। इतना सुनते ही एक बच्चे ने आत्मविश्वास के साथ पूरा ए, बी, सी, डी सुना दिया।

बच्चे की इस कोशिश पर कलेक्टर ने “वेरी गुड” कहते हुए सभी बच्चों से ताली बजवाई और स्वयं भी तालियां बजाईं।

कलेक्टर को मुस्कुराते और ताली बजाते देख बच्चों की झिझक दूर हो गई और उनके चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई।

इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से रंगों के नाम भी पूछे और सही जवाब देने वाले बच्चों को टॉफी देकर प्रोत्साहित किया। साथ ही अन्य बच्चों को भी मन लगाकर पढ़ने और सीखने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में बच्चों को सिखाई जा रही आदतों, अक्षर ज्ञान, रंगों की पहचान और खेलकूद संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।

उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुक्तिलता कुजूर से बच्चों के ग्रोथ चार्ट और पोषण ट्रैकर में दर्ज जानकारी की समीक्षा की तथा कुछ बच्चों का वजन भी कराया। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र में दर्ज सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, आंगनबाड़ी समय पर खुले और बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार पोषण आहार नियमित रूप से दिया जाए।

साथ ही बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने शिशुवती और गर्भवती महिलाओं की जानकारी नियमित रूप से रखने तथा उन्हें पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश।

दौरे के दौरान कलेक्टर ने लेमरू में डीएमएफ मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने आरईएस, जनपद सीईओ और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।

कलेक्टर ने एक माह के भीतर सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने तथा नए शैक्षणिक सत्र से नए भवन में आंगनबाड़ी का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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