Sunday 20th of September 2026

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BGSBU inaugurates Super 30 IAS/JKAS Coaching in collaboration with District Administration Rajouri.

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के विद्यालयों में हुई चित्रकला प्रतियोगिता

बालको मेडिकल सेंटर ने किया स्तन कैंसर की लाइव सर्जरी का आयोजन।

कैदियों की सुविधाओं, स्वास्थ्य और विधिक सहायता की हुई गहन समीक्षा।

: हसदेव ताप विद्युत गृह चिकत्सालय , कोरबा पश्चिम में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर व्याख्यानमाला का आयोजन । <code>भारत सरकार के मिशन लाइफ कार्यक्रम के अंतर्गत हसदेव ताप विद्युत गृह,</code>

Vivek Sahu

Wed, May 31, 2023

कोरबा। पश्चिम में दिनांक 25.05.2023 से 05.06.2023 के मध्य आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में दिनांक 30.05.2023 को अति. मुख्य चिकित्साधिकारी - डॉ. एस.सी खरे की अध्यक्षता में बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया । इस अवसर पर वरिष्ठ चित्साधिकारी - डॉ. रेणु कौशिक एवं डॉ. श्वेताम्बरी महंता ,

चिकित्साधिकारी - डॉ. प्रवीन पटेल, डॉ. किशन निर्मलकर एवं डॉ सागर बारस्कर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि :- " जहां एक ओर चिकित्सकीय सुविधा मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है वहीं चिकित्सा सेवाओं तथा सुविधाओं के दौरान बड़ी मात्रा में मेडिकल अपशिष्ट उत्पन्न होते हैं ।

जिसके अंतर्गत डिस्पोजेबल सिरिंज, स्वैब, पट्टियां, शारीरिक अपशिष्ट, रासायनिक अपशिष्ट एवं शल्य क्रिया में प्रयुक्त अन्य साधन शामिल हैं । ये अत्यंत संक्रामक होते हैं तथा तय मानदंडों के अनुसार नियंत्रित न किये जाने पर मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं , जिसकारण अस्पताल में आने वाले मरीजों जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कम होती हैं उन्हें इस संक्रमण से बचाना चुनौतीपूर्ण हों जाता हैं। " इसी कड़ी में बायो

मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के संबंध में विशेषज्ञों ने अपनी राय व्यक्त करते हुए यह सुझाव दिया कि सर्वप्रथम इन अपशिष्ट पदार्थों के उत्पादन को न्यूनतम करने की कोशिश की जानी चाहिए जिसके पश्यात उत्पन्न कचरे का पृथक-पृथक एकत्रीकरण किया जाए तथा अंत में उनके शोधन व निपटान की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक की जाए । चिकित्सकों के मुताबिक बायो मेडिकल वेस्ट के प्रथककरण की प्रक्रिया में अस्पताल द्वारा अलग अलग रंग के डस्टबिन का प्रयोग हो रहा हैं। जैसे - पीला डस्टबिन संक्रमित कचरे (उदा०- मवाद, रूई, मानव अंग, पट्टी आदि) के निस्तारण में प्रयुक्त हो रहा हैं। लाल डस्टबिन प्लास्टिक वेस्ट (सिरिंज के पीछे का भाग एवं दस्ताने आदि) के निस्तारण में प्रयुक्त हो रहे हैं। नीले डस्टबिन का उपयोग - सुई,

ब्लैड, कांच की टूटी बोतलों को एकत्रित करने के लिए होता हैं तथा हरे डस्टबिन में अन्य साधारण कचरा एकत्र कर उसी हिजाब से उनका प्रबंधन किया जाता हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि डॉ. एस.सी खरे ने सभागृह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को "पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को अपनाने" की शपथ दिलाते हुए अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि अस्पतालों एवं स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में बायो मेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन के द्वारा ही चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, रोगियों तथा उनके साथ आने वाले सहायकों का संक्रमण से बचाव हो पायेगा ।

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