रायगढ़ : शिकायतों की पेंडेंसी खत्म कर अपराधियों पर कार्रवाई तेज करें थाना प्रभारी— एसएसपी शशि मोहन सिंह
Wed, Mar 11, 2026
🚨 “शिकायतों की पेंडेंसी खत्म कर अपराधियों पर कार्रवाई तेज करें थाना प्रभारी— एसएसपी शशि मोहन सिंह”
🚨 *एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ली अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और सक्रिय अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
🚨 थाना प्रभारियों को स्टाफ पर कड़ा नियंत्रण रखने और आमजन से शालीन व्यवहार प्रदर्शित करने के निर्देश
🚨 “ऑपरेशन आघात, शंखनाद, अंकुश और तलाश से अपराधियों पर चौतरफा पुलिस की कार्रवाई होगी तेज”
🚨 बेहतर पुलिसिंग को बढ़ावा, हर माह उत्कृष्ट थाना प्रभारी को मिलेगा ‘कॉप ऑफ द मंथ’
🚨 थानों में गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट अनिवार्य रूप से दर्ज करने, शिकायतों की लंबित पेंडेंसी खत्म करने के निर्देश
🚨 जुआ-सट्टा, मादक पदार्थ, मवेशी तस्करी और फरार आरोपियों के खिलाफ विशेष अभियानों को तेज करने कहा
Chhattisgarh Police छत्तीसगढ़ पुलिस IGP Bilaspur Range Shashi Mohan Singh Raigarh District
8 मार्च, 2026 । आज दिनांक 08 मार्च 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना-चौकी प्रभारियों तथा विभिन्न शाखा प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक के प्रारंभ में सभी शाखा प्रभारियों से वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त पत्राचार तथा लंबित मामलों की जानकारी ली गई और उनके शीघ्र निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
एसएसपी श्री सिंह ने जिले में स्थापित एमसीयू के माध्यम से सभी थानों में गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश डीसीआरबी प्रभारी को दिए। लॉ सेक्शन प्रभारी को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जवाबदावों का समय पर निराकरण करने तथा ई-समंस की शत प्रतिशत तामिली सुनिश्चित करने कहा गया। शिकायतों की पेंडेंसी को लेकर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों को विवेचना की तरह अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। विशेष रूप से महिलाओं, असहाय व्यक्तियों और वृद्धों से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश देते हुए लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए एक सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की गई।
बैठक में डायल-112 कर्मचारियों की विशेष मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए और समय-समय पर स्टाफ की जांच करने को कहा गया ताकि सेवा में किसी प्रकार की शिकायत सामने न आए। एसएसपी ने सीसीटीएनएस में कार्यों की एंट्री को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए थाना प्रभारियों को समय पर सभी एंट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात थाना प्रभारियों के साथ क्राइम मीटिंग लेते हुए उन्होंने गुंडा-बदमाशों की समीक्षा कर सक्रिय अपराधियों को निगरानी में लाने तथा वृद्ध हो चुके निगरानी बदमाशों को माफी बदमाश की श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। सक्रिय बदमाशों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विजुअल पुलिसिंग के तहत प्रतिदिन शाम को फुट पेट्रोलिंग करने तथा अड्डेबाजी वाले क्षेत्रों में बदमाशों की नियमित जांच-पड़ताल और कार्रवाई कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लंबित हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, पॉक्सो एक्ट तथा लूट के गंभीर मामलों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों से लंबित मामलों के कारणों की जानकारी लेकर उनके शीघ्र निराकरण के लिए मार्गदर्शन दिया। साथ ही जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने जिले में चलाए जा रहे
“ऑपरेशन आघात”
के तहत मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की गति बनाए रखने तथा एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार आरोपियों की संपत्ति जप्ती के लिए
“सफेमा”
के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी तरह
“ऑपरेशन शंखनाद”
के तहत मवेशियों की अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने और विशेष रणनीति के साथ कार्रवाई जारी रखने कहा गया।
“ऑपरेशन अंकुश” के अंतर्गत जुआ और सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रखने तथा नामजद फरार खाईवालों पर कड़ी नजर रखते हुए रायगढ़ अथवा आसपास के जिलों में दिखने पर तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही “ऑपरेशन तलाश” के तहत प्रत्येक माह 10 से 15 तारीख के बीच फरार वारंटियों और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों को लेकर समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा पंजीबद्ध साइबर अपराधों की विवेचना त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने के लिए एसडीओपी को विशेष रूप से निर्देशित किया गया।
क्राइम मीटिंग के पश्चात एसएसपी श्री सिंह ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों में विवेचकों की बैठक लेकर लंबित मामलों की समीक्षा करने कहा और चेतावनी दी कि किसी भी प्रकरण को जानबूझकर अनावश्यक रूप से लंबित रखने की स्थिति में संबंधित विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अच्छे कार्य करने वाले थाना कर्मचारियों के लिए प्रशंसा पत्र भेजने के निर्देश दिए तथा बताया कि प्रत्येक माह थाना-चौकी के कार्यों की समीक्षा के आधार पर थाना प्रभारी को
“कॉप ऑफ द मंथ”
से सम्मानित किया जाएगा।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण रखने तथा जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ शालीनता और संवेदनशीलता से व्यवहार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं श्री अनिल विश्वकर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, डीएसपी श्री प्रभात कुमार पटेल, उत्तम प्रताप सिंह, सिद्धांत तिवारी, सुशांतो बनर्जी, प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, आरआई अमित सिंह, डीएसबी प्रभारी निरीक्षक किशोर केरकेट्टा, एफएसएल अधिकारी डॉ. अनंत सिदार तथा जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
कोरबा : आईजी रामगोपाल गर्ग का कोरबा दौरा,
Tue, Mar 10, 2026
कोरबा ( न्यूज़ उड़ान )। कोरबा में रामगोपाल गर्ग मंगलवार देर शाम अचानक कोरबा पहुंचे। उन्होंने कोरबा सुपरिंटेंडेंट ऑफिस में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की पुलिसिंग व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की।
बैठक में कुनाल दुदावत.सिद्धार्थ तिवारी. लखन पटले और प्रतीक चतुर्वेदी भी मौजूद रहे।
मीडिया से चर्चा करते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि वे कोरबा के भ्रमण पर आए थे और इस दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों के साथ जिले की कानून व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर समीक्षा की गई।
रायगढ़ : रायगढ़: छात्र अधिकारों के लिए NSUI का हल्ला बोल;
Tue, Mar 10, 2026
रायगढ़।( न्यूज़ उड़ान) छात्र हितों और रोजगार की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने जिला मुख्यालय में जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। “छात्र अधिकार रैली” के बैनर तले जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस को पानी की बौछार (वाटर कैनन) का प्रयोग करना पड़ा।
हंगामेदार रहा प्रदर्शन: पुलिस से हुई सीधी भिड़ंत
रैली की शुरुआत में ही छात्र बेहद आक्रामक नजर आए। जैसे ही प्रदर्शनकारी कलेक्टोरेट के करीब पहुंचे, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने पुलिस के घेरे को तोड़ने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच पुलिस ने NSUI जिलाध्यक्ष आरिफ हुसैन सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बसों में भरकर उर्दना पुलिस लाइन भेज दिया। प्रशासन पर भेदभाव के गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। NSUI का आरोप है कि:
प्रशासन सत्ता पक्ष के संगठनों (ABVP और RSS) के प्रति नरम रुख अपनाता है।
विपक्षी छात्र संगठनों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।
छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और उनके आयोजनों पर अनावश्यक पाबंदियां लगाई जा रही हैं।
7 सूत्रीय मांगें: स्थानीय युवाओं के लिए 70% आरक्षण पर जोर
NSUI ने अपर कलेक्टर प्रियेश टोप्पो को सौंपे गए ज्ञापन में 7 प्रमुख मांगें रखी हैं:
क्र. सं.
प्रमुख मांगें
01
स्थानीय आरक्षण: एनटीपीसी, अडानी और जिंदल जैसे उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70% रोजगार सुनिश्चित हो।
02
प्लेसमेंट सेल: डिग्री, कॉमर्स, गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक में अनिवार्य प्लेसमेंट सेल का गठन।
03
कैंपस इंटरव्यू: कॉलेजों में नियमित रूप से उद्योगों के साथ एमओयू (MoU) कर कैंपस प्लेसमेंट आयोजित करना।
04
सीटों में वृद्धि: आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाना और नए तकनीकी ट्रेड शुरू करना।
05
समान व्यवहार: सभी छात्र संगठनों के साथ प्रशासन का व्यवहार निष्पक्ष और एकसमान होना चाहिए।
06
उच्च स्तरीय जांच: छात्र संगठनों के कार्यक्रमों में पुलिसिया हस्तक्षेप और जांच की निष्पक्ष जांच हो।
“15 दिन का अल्टीमेटम, वरना जिला होगा बंद”
ज्ञापन सौंपने के बाद छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल एक शुरुआत है। जिलाध्यक्ष आरिफ हुसैन ने कहा,
”अगर 15 दिनों के भीतर हमारी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो NSUI उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। अगले चरण में हम रायगढ़ जिला बंद, उद्योगों का घेराव और अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे।”
अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि छात्रों की मांगों को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सांकेतिक गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया है, लेकिन शहर में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है।