Tuesday 22nd of September 2026

ब्रेकिंग

एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में डायरेक्टेड, विधायक प्रेमचंद पटेल व भूविस्थापितों के बीच सार्थक चर्चा हुई।

ऑपरेशन आघात : नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, करीब एक किलो गांजा और 58.32 लीटर अवैध शराब जब्त

कोरबा ब्रेकिंग: सिंघाली के जंगल में जुए के फड़ पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 जुआरी गिरफ्तार, 11.56 लाख की संपत्ति जब्त।

गणेश विसर्जन में पुलिस की सख्ती: नियम तोड़ने वाले डीजे एवं पिकअप वाहन जप्त।

कोरबा के शिवाय हॉस्पिटल में डॉ. नागेंद्र बागरी की निगरानी में 600 ग्राम के प्रीमैच्योर नवजात ने 90 दिन तक NICU में जिंदग

कोरबा : विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) – 16 जुलाई "साँप बचेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन सुरक्षित रहेगा"

विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) – 16 जुलाई

"साँप बचेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन सुरक्षित रहेगा"

हर वर्ष 16 जुलाई को पूरे विश्व में विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) मनाया जाता है।

इस दिवस का उद्देश्य लोगों में साँपों के प्रति फैले भय, अंधविश्वास और गलत धारणाओं को दूर करना, उनके वैज्ञानिक महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना तथा उनके संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित करना है।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि पृथ्वी पर प्रत्येक जीव का अपना महत्व है और साँप भी प्रकृति के ऐसे अनमोल जीव हैं जिनके बिना पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना कठिन हो जाएगा।

विश्व सर्प दिवस की शुरुआत को लेकर अलग-अलग जानकारियाँ मिलती हैं।

ऐसा माना जाता है कि 1967 में अमेरिका के टेक्सास में साँपों के संरक्षण और उनके प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक पहल शुरू हुई, जो धीरे-धीरे लोकप्रिय होती गई।

इसके बाद 1970 के आसपास 16 जुलाई को साँपों के संरक्षण और जन-जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने लगे।

समय के साथ अनेक वन्यजीव संरक्षण संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएँ और प्रकृति प्रेमी इस अभियान से जुड़ते गए और आज यह दिवस विश्वभर में साँपों के संरक्षण और उनके महत्व को समझाने के लिए मनाया जाता है।

विश्व सर्प दिवस क्यों मनाया जाता है?

विश्व सर्प दिवस केवल साँपों के बारे में जानकारी देने का दिन नहीं है, बल्कि यह मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व का संदेश भी देता है। इस दिवस का उद्देश्य है—

- लोगों में साँपों के प्रति फैले अंधविश्वास और भय को दूर करना।

- यह बताना कि अधिकांश साँप विषहीन होते हैं और बिना कारण मनुष्य पर हमला नहीं करते।

- साँपों के प्राकृतिक आवास और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना।

- मानव और साँपों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करना।

- जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाना।

- लोगों को यह संदेश देना कि किसी भी वन्यजीव की हत्या समाधान नहीं, बल्कि संरक्षण ही भविष्य का रास्ता है।

प्रकृति में साँपों का महत्व

साँप पृथ्वी की खाद्य श्रृंखला का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे खेतों, जंगलों और मानव बस्तियों के आसपास रहने वाले चूहों तथा अन्य छोटे जीवों की संख्या नियंत्रित करते हैं। यदि साँप न हों तो चूहों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, जिससे फसलों को भारी नुकसान होगा, खाद्यान्न भंडारण प्रभावित होगा और कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

इस प्रकार साँप केवल जंगलों के नहीं, बल्कि किसानों के भी अप्रत्यक्ष मित्र हैं। वे पर्यावरण का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

साँपों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

- दुनिया में साँपों की हजारों प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

- इनमें से अधिकांश प्रजातियाँ विषहीन होती हैं।

- भारत में भी अधिकांश साँप विषहीन हैं।

- साँप बिना कारण किसी व्यक्ति पर हमला नहीं करते। वे केवल स्वयं को खतरा महसूस होने पर ही बचाव में प्रतिक्रिया देते हैं।

- साँप इंसानों का शिकार नहीं करते और जहाँ संभव हो, इंसानों से दूर रहना ही पसंद करते हैं।

बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाती हैं साँपों की गतिविधियाँ?

मानसून के दौरान बिलों में पानी भर जाने, भोजन की तलाश और प्रजनन गतिविधियों के कारण साँप अक्सर खुले स्थानों, खेतों और कभी-कभी घरों के आसपास दिखाई देने लगते हैं।

इसका अर्थ यह नहीं कि वे हमला करने आए हैं, बल्कि वे केवल सुरक्षित स्थान की तलाश में होते हैं। ऐसे समय में घबराने के बजाय सावधानी और समझदारी से काम लेना आवश्यक है।

यदि साँप दिखाई दे तो क्या करें?

✔ घबराएँ नहीं और शांत रहें।

✔ साँप से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

✔ उसे मारने, पकड़ने या छेड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें।

✔ भीड़ इकट्ठा न होने दें, क्योंकि इससे साँप घबरा सकता है।

✔ प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।

✔ बच्चों और पालतू जानवरों को साँप से दूर रखें।

क्या कभी नहीं करना चाहिए?

❌ साँप को पत्थर या डंडे से मारने की कोशिश न करें।

❌ अंधविश्वास या अफवाहों पर विश्वास न करें।

❌ बिना प्रशिक्षण के साँप पकड़ने का प्रयास न करें।

❌ सोशल मीडिया पर देखे गए वीडियो देखकर स्वयं रेस्क्यू करने की कोशिश न करें।

हमारी जिम्मेदारी

प्रकृति ने प्रत्येक जीव को एक विशेष भूमिका दी है। यदि हम किसी एक जीव को नष्ट करते हैं तो उसका प्रभाव पूरे पर्यावरण पर पड़ता है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम साँपों सहित सभी वन्यजीवों का सम्मान करें, उन्हें सुरक्षित रहने दें और दूसरों को भी उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करें।

वन विभाग, कोरबा एवं रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS), कोरबा सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि यदि कहीं साँप दिखाई दे तो उसे किसी भी प्रकार की हानि न पहुँचाएँ। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम अथवा वन विभाग को सूचना दें।

आपका सहयोग एक बहुमूल्य वन्यजीव के जीवन की रक्षा करने के साथ-साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व को भी मजबूत बनाएगा।

"साँपों को बचाइए, क्योंकि वे हमारे दुश्मन नहीं, बल्कि प्रकृति के सच्चे प्रहरी हैं।"

रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS), कोरबा

वन विभाग, कोरबा

🐍 सांप दिखे तो डंडा नहीं

वन विभाग और RCRS को कॉल करें 🐍

📞 RCRS HELPLINE:

Avinash Yadav 9827917848 , 9009996789 ,

7987957958

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन