जम्मू-कश्मीर/राजौरी : कश्मीर से जम्मू तक अनुच्छेद 370 हटने के सात वर्ष पूरे, नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध प्रदर्शन, राजौरी-पुंछ में भी उठी बहाली
Vivek Sahu
Thu, Aug 6, 2026
कश्मीर से जम्मू तक अनुच्छेद 370 हटने के सात वर्ष पूरे, नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध प्रदर्शन, राजौरी-पुंछ में भी उठी बहाली की मांग।
जम्मू-कश्मीर/राजौरी/ दैनिक न्यूज उड़ान
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए के प्रावधान हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने पर बुधवार को कश्मीर से लेकर जम्मू संभाग तक विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने इस दिन को "काला दिवस" के रूप में मनाते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष संवैधानिक दर्जा तथा पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई।

श्री नगर स्थित पार्टी मुख्यालय के अलावा राजौरी और पुंछ में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध जताया।
श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्यालय 'नवा-ए-सुबह' में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
हालांकि पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
पार्टी नेताओं ने बताया कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली में थे, जबकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बाढ़ प्रभावित राजौरी और पुंछ जिलों के आधिकारिक दौरे पर थे।

विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस नेताओं ने कहा कि 5 अगस्त 2019 का निर्णय जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करने वाला था।
पार्टी ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का विशेष संवैधानिक दर्जा और पूर्ण राज्य का दर्जा शीघ्र बहाल करने की मांग की।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 5 अगस्त 2019 के निर्णय को न कभी स्वीकार किया है और न ही भविष्य में करेगी।
उन्होंने लिखा कि सात वर्ष बीत जाने के बावजूद पार्टी अपने अधिकारों और पहचान की बहाली के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।
मार्च निकालने से रोके गए कार्यकर्ता

श्रीनगर में पार्टी कार्यालय से सार्वजनिक मार्च निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
प्रदर्शन का नेतृत्व कैबिनेट मंत्री सकीना इत्तू ने किया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त जम्मू-कश्मीर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण दिन था, जब प्रदेश के संवैधानिक अधिकार समाप्त कर दिए गए।
उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा और मंत्रिमंडल में भी अधिकारों की बहाली के लिए प्रस्ताव पारित कर चुकी है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
पीडीपी ने भी किया विरोध
नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने भी विभिन्न जिलों में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किए।
पार्टी ने लोगों से सांकेतिक रूप से 'ब्लैकआउट' कर निर्णय के विरोध में अपनी असहमति दर्ज कराने की अपील की।
राजौरी में भी हुआ प्रदर्शन
सीमावर्ती जिला राजौरी में भी विधायक मुजफ्फर इकबाल खान के नेतृत्व में नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं और पार्टी समर्थकों ने भाग लिया। मुजफ्फर इकबाल खान ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों और पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ के मद्देनजर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी एहतियात को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमरनाथ यात्रा के काफिलों तथा सुरक्षा बलों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
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