Monday 21st of September 2026

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कोरबा : मानिकपुर परियोजना प्रभावित ग्रामीणों के धरने में पहुंचे जयसिंह अग्रवाल। कहा—प्रभावितों के अधिकारों की लड़ाई में ग्रामीण

कोरबा( दैनिक न्यूज उड़ान) मानिकपुर ओपन कास्ट परियोजना विस्तार को लेकर 25 सितंबर को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई से पहले प्रभावित गांवों के ग्रामीण अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर मानिकपुर परियोजना के महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

ग्रामीणों की मांग है कि जनसुनवाई से पहले मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन सहित लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।

ग्रामीणों के धरने की जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल वहां पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनके आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया।

उन्होंने कहा कि वे पहले भी ग्रामीणों से किए गए अपने वादे के अनुसार उनके बीच पहुंचे हैं और जब तक प्रभावित परिवारों की जायज समस्याओं पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनकी आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे।

ग्रामीणों ने श्री अग्रवाल को बताया कि उनके लगातार धरने और दबाव के बाद एसईसीएल प्रबंधन द्वारा प्रभावित गांवों के पात्र युवाओं को रोजगार देने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी मिली है।

ग्रामीणों के अनुसार, यह पहल उनके लंबे संघर्ष का सकारात्मक परिणाम है। हालांकि, उनका कहना है कि रोजगार के साथ-साथ मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन और अन्य लंबित मामलों का भी स्पष्ट एवं समयबद्ध समाधान जरूरी है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि “विकास का विरोध नहीं है, लेकिन विकास की कीमत प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी करके नहीं चुकाई जा सकती। जिन लोगों की जमीन, घर और आजीविका परियोजना से प्रभावित हुई है, उनके भविष्य की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा कि 25 सितंबर की जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए।

प्रभावित ग्रामीणों की आपत्तियों और समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए तथा वर्षों से लंबित प्रकरणों के निराकरण की ठोस कार्ययोजना सामने रखी जाए।

उन्होंने प्रबंधन से पात्र प्रभावित युवाओं के रोजगार की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की भी मांग की।

श्री अग्रवाल ने धरनारत ग्रामीणों से कहा कि उनकी जायज मांगों और अधिकारों की लड़ाई में वे उनके साथ खड़े हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील करते हुए कहा कि न्यायपूर्ण समाधान ही क्षेत्र के विकास और प्रभावित परिवारों के हितों के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है।

ज्ञात हो कि मानिकपुर परियोजना विस्तार की प्रस्तावित क्षमता 5.25 एमटीपीए से बढ़ाकर 7.0 एमटीपीए किए जाने की प्रक्रिया चल रही है और 25 सितंबर को पर्यावरणीय जनसुनवाई प्रस्तावित है।

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