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: बालको ने विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य पर चलाया मासिक जागरूकता अभियान।

Vivek Sahu

Fri, Jan 3, 2025
बालकोनगर (न्यूज उड़ान) भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने 'आरोग्य' परियोजना के अंतर्गत विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता अभियान चलाया।   कंपनी ने इस साल के थीम ‘सही रास्ते अपनाएं: मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार!’ के तहत महीने भर चले अभियान में जिले के 31,000 से अधिक व्यक्तियों तक पहुंच बनाई।   बालको ने सोशल रिवाईवल ग्रुप ऑफ अरबन रूरल एण्ड ट्राईबल, स्रोत, कोरबा के साथ साझेदारी कर जिला स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति (सीजीएसएसीएस) के सहयोग से इस अभियान को संचालित किया। इस साल के थीम का उद्देश्य एचआईवी/एड्स प्रति जागरूकता बढ़ाना, तथ्यात्मक जानकारी का प्रसार करना, कलंक को कम करना और उच्च जोखिम वाले व्यवहार समूह, युवाओं और समुदाय के बीच निवारक उपायों को बढ़ावा देना है। कंपनी द्वारा संचालित मासिक ऑडियो-विजुअल 'जागरूकता रथ' अभियान का शुभारंभ जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया।   जिसमें कोरबा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी, डॉ. के. के. सहारे, डीन मेडिकल कॉलेज, कोरबा तथा डॉ. बी. आर. रात्रे (नोडल अधिकारी, एचआईवी/एड्स और टीबी) डॉ. गोपाल कंवर, संयुक्त निदेशक सह जिला अस्पताल अधीक्षक शामिल हुए।   कंपनी के सामुदायिक विकास पहल द्वारा विभिन्न महाविद्यालयों तथा स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया।   प्रतियोगिता में होप्स इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, ओरिएंटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सृष्टि इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, भारत इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, सरकारी मेडिकल कॉलेज, तथा अस्पताल ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में ओरिएंटल मेडिकल कॉलेज ने प्रथम पुरस्कार जीता। उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जागरूकता सत्र तथा महाविद्यालयों में एचआईवी/एड्स जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए गए।   बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हम एक ऐसे भविष्य की कल्पना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जहां जागरूकता एचआईवी के खिलाफ एक शक्तिशाली ढाल के रूप में कार्य करेगा।   जागरूकता सत्रों के साथ हमारा लक्ष्य एक अधिक सूचित और प्रगतिशील समाज को बढ़ावा देना है, जो ऐसी बीमारी के ट्रांसमिशन में कमी लाएगा और जीवन को सुरक्षित कर सकता है। समुदायों के भीतर हमारा लक्ष्य सभी के लिए एक स्वस्थ और उज्जवल भविष्य बनाने की दिशा में हमारी कटिबद्धता को दर्शाता है।   नागरिकों से इस बीमारी को बेहतर ढंग से समझने का अनुरोध करते हुए, जिला अस्पताल कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. एस.एन. केशरी ने कहा कि मैं प्रत्येक नागरिक से आगे आने, ज्ञान प्राप्त करने और एचआईवी/एड्स स्थिति के बारे में जागरूक होने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकास खंड और जिले में एकीकृत परीक्षण और परामर्श केंद्र (आईसीटीसी) तैयार हैं जो व्यक्तियों को उनकी भलाई की यात्रा में सशक्त बनाने के लिए मुफ्त परीक्षण और परामर्श प्रदान करते हैं।   13 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से 50 से अधिक युवाओं को जागरूकता लीडर (स्वयंसेवक) के रूप में सशक्त बनाने के लिए '2 दिवसीय युवा नेतृत्व प्रशिक्षण' का आयोजन किया। इन्हीं युवा लीडर ने 22 ‘युवा चौपाल’ के माध्यम से एचआईवी के रोकथाम पर बात कर 700 से अधिक युवाओं को एचआईवी पर संवेदनशील बनाया।   इसके साथ ही 3 प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में एचआईवी/एड्स परामर्श और प्रथम स्तर की परीक्षण सेवाओं की सुविधा प्रदान की गई। इससे लोगों को उनके घर के दरवाजे पर परामर्श और परीक्षण की सुविधा मिल सकी। एड्स पर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। ट्रक ड्राइवर और प्रवासी श्रमिक समूह के 200 सदस्यों को व्यवहार परिवर्तन प्रथाओं और विषय वस्तु पर उनकी जानकारी के लिए सुलभ सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। आरोग्य परियोजना एक व्यापक स्वास्थ्य पहल है जो कंपनी ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट के माध्यम एचआईवी, टीबी, नशामुक्ति पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से निवारक और उपचारात्मक दोनों तरह की गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान करती है। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण और एनीमिया पर जागरूकता अभियान संचालित करती है।   वित्तीय वर्ष विभिन्न उपचारात्मक और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से 40,000 से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई। बच्चों में कुपोषण से निपटने के लिए 2000 से अधिक माताओं को उनकी देखभाल और पोषण संबंधी प्रथाओं में सुधार करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। यह परियोजना स्थानीय स्वास्थ्य निकायों और समितियों को मजबूत भागीदारी के साथ सशक्त बनाती है।

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