Thursday 22nd of October 2026

ब्रेकिंग

रबी में तिलहन का रकबा दोगुना करने के निर्देश।

जाली नोट चलाने वाले विधि से संघर्षरत बालक को पुलिस ने पकड़ा।

Victory of Good over Evil: Dussehra Celebrated with Fervour in Rajouri-Poonch.

Live Hand Grenade Found Near Hanuman Temple in Rajouri, Police Seize Explosive

जवारा कलश विसर्जन के साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि सम्पन्न।

: बालको सस्टेनेबिलिटी से उर्जा संरक्षण को दे रहा है बढ़ावा।

Vivek Sahu

Tue, Dec 17, 2024
कोरबा बालकोनगर ( न्यूज उड़ान) वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियमम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने वित्तीय वर्ष में उर्जा संरक्षण के विभिन्न पहल के माध्यम से अपनी निरंतर प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।   सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपने प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कंपनी ने अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं।   कंपनी हरित ईंधन के विभिन्न स्रोतों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, बायोमास, बायोडीजल आदि के माध्यम से अपने ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की मात्रा को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।   कंपनी संयंत्र में छह इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट का उपयोग कर रहा है जो 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।   दैनिक प्रचालन कार्यों में इसका महत्वपूर्ण योगदान है जो तैयार माल की आवाजाही, ब्रेकडाउन, रखरखाव प्रबंधन, कच्चे माल की आवाजाही, स्टोर प्रबंधन और गोदाम संचालन जैसे कार्यों को सुविधाजनक बनाया है। अनुमानित रूप से प्रति वर्ष लगभग 93,000 लीटर डीजल की खपत में कमी आई है। कंपनी ने डीकार्बोनाइजिंग को बढ़ावा देते हुए पूरे संयंत्र में उपयोग किए जाने वाले तकनीकी वाहनों के लिए ईंधन के रूप में बायो-डीजल तथा आवाजाही के लिए इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर रहा है।   कंपनी अपने स्मेल्टर संचालन में बायोडीजल उपयोग कर रहा है। पिघले हुए गर्म धातु (एल्यूमिनियम) को लेकर जाने वाले लैडल्स को गर्म करने के लिए बायोडीजल का इस्तेमाल करता है।   बायोडीजल कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त ईंधन का रूप है जिसके उपयोग से जीवाश्म ईंधन की तुलना में काफी कम ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन होता है जो वेदांता कंपनी के विजन नेट जीरो कार्बन के अनुरूप है।   2022 में बालको ने विभिन्न उर्जा संरक्षण पहल से लगभग 22000 गीगा जूल ऊर्जा की बचत की थी जो 2024 में बढ़कर लगभग 24,587 गीगा जूल पहुंच गई है। कंपनी अपने विश्व स्तरीय स्मेल्टर में एनर्जी इफीसिएंसी ग्रेफाइटाइज्ड पॉट का उपयोग कर उर्जा खपत को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।   स्मेल्टर में पॉट कंट्रोलर अपग्रेडेशन के साथ कंपनी लगभग प्रति मीट्रिक टन पर 150 किलोवॉट बिजली खपत को कम किया है। अनुमानित रूप से 246 टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है। कंपनी के विभिन्न पहल के साथ महत्वाकांक्षी लक्ष्य वर्ष 2030 तक नेट वाटर पॉजिटिविटी और 2050 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन की स्थिति हासिल करना है।   बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हम बालको में पर्यावरणीय भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अपने मिशन की आधारशिला के रूप में ऊर्जा-कुशल संस्कृति को लागू करने के लिए समर्पित हैं।   हमारे विभिन्न पहल के माध्यम से संयंत्र के साथ समुदाय में जिम्मेदार ऊर्जा खपत को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिज्ञा का प्रतीक है। नवाचार, जागरूकता और सहयोग के माध्यम से हम स्थायी और एनर्जी इफीसिएंसी व्यवसाय प्रथाओं को अपना रहे हैं जो हरित, पर्यावरण अनुकूल दुनिया की ओर सांस्कृतिक बदलाव को भी प्रेरित कर रहे हैं। ऊर्जा संरक्षण में बालको के उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार की परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड (पीएटी) योजना के तहत ‘पीएटी टॉप परफॉर्मर’ अवार्ड 2023 जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले हैं। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत में भारतीय ऊर्जा एक्सचेंज (आईईएक्स) और पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (पीएक्सआईएल) से नवीकरणीय बिजली की खरीद शामिल है। इन इस प्रथाओं के साथ बालको भारत की सबसे अधिक ऊर्जा कुशल कंपनियों में से एक है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन