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सोफे में छिपा बैठा था कोबरा, वन विभाग और RCRS की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू।

: गांव के करुणा से बची बेजुबान मां की ममता,कटघोरा वनमंडल के मुंडाली गांव में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त पहल।

Vivek Sahu

Fri, May 16, 2025
कोरबा( न्यूज उड़ान) कोरबा जिला जैवविविधता से भरा हुआ है आए दिन दुर्लभ जीव मिलने की खबरें सामने आते रहती हैं ऐसा ही मामला कटघोरा वनमण्डल अंतर्गत आने वाले हरदी बाज़ार क्षेत्र के मुंडाली गाँव में दुर्लभ प्रजाति की एशियन पाम सिवेट का मिला। मानवीय रहवास में धान के कोठी में मादा सीवेट अपने बच्चों के साथ एक घर में रह रही थी।   गांव वाले देखे तो उनके लिए यह डर और आश्चर्य का नजारा था। वह अपने बच्चों को छोड़ कर जाना नहीं चाह रही थी।   https://youtu.be/xvm9Vhp4X9E?si=wsp9FPD2DdfDCQwI जिसकी सूचना घर के मालिक केशव जैसवाल द्वारा वन विभाग को दिया गया। वन विभाग एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त टीम द्वारा एक सुनियोजित और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए घटना स्थल पहुंची। यह रेस्क्यु ऑपरेशन कटघोरा वन मण्डल के वनमण्डलाधिकारी (DFO) श्री कुमार निशांत के निर्देशानुसार उप वन मण्डलाधिकारी श्री चंद्रकांत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस रेस्क्यू कार्य में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष श्री एम. सूरज के नेतृत्व में जितेन्द्र सारथी,मयंक बागची एवं बबलू मारुवा ,रेंजर अशोक मान्यवर, डिप्टी सुखदेव सिंह मरकाम, महेंद्र देवेंगन, केशव जायसवाल ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ सिवेट माता एवं उसके बच्चों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा।   यह कार्य अत्यंत संवेदनशीलता एवं विशेषज्ञता के साथ संपन्न किया गया ताकि जानवरों को कोई तनाव या हानि न हो। रेस्क्यू के उपरांत मां सिवेट एवं उसके 5 बच्चों को निकटवर्ती सुरक्षित वन क्षेत्र में पुनः प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया, जिससे वे अपने स्वाभाविक आवास में स्वतंत्र रूप से जीवन यापन कर सकें।   https://youtu.be/vK0xcMiY_1A?si=VfLnEKPeTHmhebsq   इस पूरे अभियान ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।   यह घटना यह दर्शाती है कि जब प्रशासन, विशेषज्ञ संस्थाएं और स्थानीय समुदाय मिलकर कार्य करते हैं, तो न केवल मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना कम होती है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण को भी मजबूती मिलती है। वन विभाग एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के इस समन्वित प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संगठनों द्वारा सराहना की जा रही है। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन ने न केवल एक प्रजाति की रक्षा की, बल्कि भविष्य में ऐसे प्रयासों को प्रेरणा देने वाला कार्य भी किया है।

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