कोरबा : नेशनल लोक अदालत हेतु विडिंयो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम सें हितधारकों के साथ बैठक।
Mon, Aug 24, 2026
नेशनल लोक अदालत हेतु विडिंयो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम सें हितधारकों के साथ बैठक।
कोरबा( दैनिक न्यूज उड़ान)
आगामी नेशनल लोक अदालत दिनांक 12 सितंबर 2026 को सफल और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष के दिशा निर्देशों व मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत हेतु गठित न्यायाधीशों की कमेटी के द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित विडिंयो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकें कर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने निर्देशित किया है कि सभी न्यायाधीश अपने-अपने न्यायालयों में लंबित समझौता योग्य प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करें और पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाधान के लिए प्रेरित करें।
साथ ही प्री-सीटिंग के लिए जारी नोटिसों की तामिली सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। विशेष रूप से राजीनामा योग्य सिविल एवं आपराधिक प्रकरण, बैंक, बीमा, मोटर दुर्घटना दावा, धारा 138 एन आई एक्ट, विद्युत एवं अन्य प्री-लिटिगेशन प्रकरणों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के लिए निर्देश दिए गए।
आमजन से लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निस्तारण के लिए संवेदनशील संवादात्मक एवं सकारात्मक काउंसलिंग दृष्टिकोण अपनाये जाने की अपील करें एवं अधिवक्तओं एवं संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर अधिकतम प्रकरणों के निराकरण को सुनिश्चित किये जाने का सतत् प्रयास किया जा रहा है।
तैयारियों को और ज्यादा सुदृढ़़ करने हेतु मोटर यान दुर्घटना दावा प्रकरणों सें संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की गई, जिसमें दावा अधिकरण के न्यायाधीषगण एवं बीमा कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी नेशनल लोक अदालत में अधिकाधिक मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के निस्तारण के लिए विचार-विमर्ष किया गया। इन मामलों में आपसी सहमति और राजीनामा के माध्यम से सुलझाने पर विषेष जोर दिया गया, ताकि पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
लोक अदालत के जरिए कम समय, कम खर्च और बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के विवादों का समाधान संभव है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।
आमजनों से अपील की गई है कि वे नेशनल लोक अदालत में सक्रिय भूमिका निभाएं और अपने मामले का निराकरण राजीनामा/समझौता के आधार पर करें।
कोरबा : नेशनल लोक अदालत के तैयारियों के संबंध में फाईनेंस कंपनी के साथ बैठक।
Mon, Aug 24, 2026
कोरबा( दैनिक न्यूज उड़ान)
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन में 12 सितम्बर 2026 को आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन के संबंध में गठित पैनल की अध्यक्षता में फाईनेंस कंपनियों के पदाधिरियों के साथ राजीनामा योग्य प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को आपसी सहमति से निराकरण कराये जाने के संबंध में बैठक आयोजित की गयी है।
बैठक में फाइनेंस कंपनियों से संबंधित ऋण वसूली, वाहन ऋण, व्यक्तिगण ऋण, एवं अन्य वित्तीय मामलों के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि लोक अदालत के माध्यम से राजीनामा योग्य प्रकरणों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सकता है, जिससे पक्षकरों को समय एवं धन की बचत के साथ सरल एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।
न्यायाधीशगण की गठित पैनल द्वारा पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों को समझौते के आधार पर निराकृत कराने का प्रयास करें।
कोरबा : आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बालको की बढ़ती भूमिका।
Mon, Aug 24, 2026
बालकोनगर( दैनिक न्यूज उड़ान) छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की कहानी में कुछ संस्थानों का योगदान केवल उनके उत्पादन आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता।
उनका वास्तविक प्रभाव रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए अवसर और समाज में आए सकारात्मक बदलावों से समझा जाता है।
भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ऐसी ही औद्योगिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वर्ष 1965 में स्थापित बालको आज छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान का प्रमुख स्तंभ है। वर्ष 2001 में वेदांता समूह के प्रबंधन में आने के बाद कंपनी ने उत्पादन क्षमता, ऊर्जा, तकनीक और अधोसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया।
वर्तमान में बालको की एल्यूमिनियम स्मेल्टर क्षमता 5.95 लाख टन प्रतिवर्ष है और विस्तार परियोजना के बाद यह बढ़कर 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो जाएगी।
यह विस्तार केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने की परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, रोजगार, व्यापार और स्थानीय विकास के अगले चरण की नींव है।
उद्योग से बढ़ती स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत
बालको का प्रभाव उसके संयंत्र परिसर तक सीमित नहीं है।
कंपनी के विकास के साथ कोरबा और बालकोनगर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है।
प्रत्यक्ष रोजगार के साथ व्यवसायिक साझेदारों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सेवाओं तथा छोटे-बड़े स्थानीय व्यवसायों के लिए अवसर बढ़े हैं। पिछले एक दशक में बालको ने छत्तीसगढ़ राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
देश की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में भी बालको की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी अपने उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत एल्यूमिनियम घरेलू बाजार में उपलब्ध कराती है।
एल्यूमिनियम आधुनिक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण धातुओं में शामिल है और परिवहन, निर्माण, ऊर्जा, रक्षा तथा अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
बालको ने देश की वैज्ञानिक और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए एल्यूमिनियम की आपूर्ति में भी योगदान दिया है।
1 मिलियन टन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बालको अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और 1 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
525 किलो एम्पीयर पॉटलाइन से फर्स्ट मेटल उत्पादन शुरू होना क्षमता विस्तार यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यह उपलब्धि नई तकनीक, बेहतर दक्षता और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप संचालन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह विस्तार केवल बालको की उत्पादन क्षमता में वृद्धि नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी जुड़ी हैं।
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने, स्थानीय व्यवसायों को गति मिलने तथा व्यवसायिक साझेदारों, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और स्थानीय उद्यमों के लिए नए अवसर बनने की संभावना है।
इस तरह बालको का आर्थिक प्रभाव संयंत्र से निकलकर कोरबा और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचता है।
तकनीक और नवाचार से स्मार्ट उद्योग की ओर
औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के बदलते दौर में तकनीक और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। बालको अपने संचालन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा आधारित समाधानों को अपना रहा है।
उत्पादन प्रक्रियाओं में डिजिटल निगरानी और स्मार्ट समाधान परिचालन दक्षता, गुणवत्ता तथा सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं।
तकनीक आधारित यह परिवर्तन कंपनी को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए तैयार करने के साथ उत्पादन प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार की संस्कृति को मजबूत कर रहा है।
सतत विकास के साथ औद्योगिक प्रगति
एल्यूमिनियम उत्पादन के साथ पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करना बालको की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कंपनी ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, पौधारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों और कम कार्बन उत्सर्जन वाले उत्पादों के माध्यम से अधिक टिकाऊ औद्योगिक विकास की दिशा में काम कर रही है।
रिस्टोरा लो-कार्बन एल्यूमिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो कम कार्बन उत्सर्जन वाले एल्यूमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में योगदान देता है।
औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन स्थापित करने का यह प्रयास भविष्य के अधिक टिकाऊ उद्योग की दिशा को दर्शाता है।
सुरक्षा के साथ विकास की संस्कृति
औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालको कर्मचारियों और व्यवसायिक साझेदारों के लिए नियमित प्रशिक्षण, सुरक्षा प्रथम, ‘असुरक्षित कार्य को ना कहना’ मॉक ड्रिल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।
कंपनी की ‘सुरक्षा संकल्प’ पहल सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। सुरक्षा को संचालन का अभिन्न हिस्सा बनाकर बालको सुरक्षित कार्यस्थल, जागरूक कार्यबल और जिम्मेदार औद्योगिक संचालन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।
विकसित भारत की औद्योगिक यात्रा में योगदान
भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में मजबूत घरेलू धातु क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बुनियादी ढांचे से लेकर रक्षा, ऊर्जा, परिवहन और अंतरिक्ष तक, देश की विकास यात्रा गुणवत्तापूर्ण धातुओं की उपलब्धता से जुड़ी है।
ऐसे में बालको का बढ़ता उत्पादन, तकनीकी क्षमता और नवाचार देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से विकसित भारत की दिशा में बालको की यात्रा अब एक औद्योगिक संयंत्र की विकास कहानी से आगे बढ़कर रोजगार, तकनीक, नवाचार, आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण की कहानी बन चुकी है।
1 मिलियन टन की ओर बढ़ता बालको उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ देश की बढ़ती एल्यूमिनियम जरूरतों को पूरा करने की दिशा में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
आने वाले वर्षों में क्षमता विस्तार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के माध्यम से बालको भारतीय एल्यूमिनियम उद्योग को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की धरती पर शुरू हुई यह औद्योगिक यात्रा अब राष्ट्र निर्माण के बड़े लक्ष्य से जुड़ चुकी है।
बालको का अगला अध्याय केवल अधिक एल्यूमिनियम उत्पादन का नहीं, बल्कि अधिक अवसर, अधिक नवाचार और अधिक विकास गढ़ने का है।