Tuesday 22nd of September 2026

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कोरबा : महिला नगर सैनिकों की शिकायत पर आयोग सख्त।

महिला नगर सैनिकों की शिकायत पर आयोग सख्त।

महिला आयोग ने नगर सेना कमांडेंट कोरबा को दो माह में जांच रिपोर्ट देने के दिए निर्देश।

कोरबा (न्यूज उड़ान )

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, कोरबा में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई आयोजित की गई।

सुनवाई में प्रदेश स्तर पर अभी तक कुल 404 प्रकरणों(*पहले की सुनवाई मिलाकर*) जबकि आज कोरबा जिले के 12 प्रकरणों पर विचार किया गया।

जनसुनवाई के दौरान लगभग 300 नगर सैनिकों द्वारा हस्ताक्षरित एक महत्वपूर्ण शिकायत पर आयोग ने गंभीरता से सुनवाई की।

शिकायत में नगर सेना कोरबा के तत्कालीन कमांडेंट पर महिला नगर सैनिकों के साथ अनावश्यक सख्ती बरतने और सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए गए थे।

मामले में अब तक आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) की जांच नहीं होने पर आयोग ने नगर सेना कमांडेंट, कोरबा को निर्देशित किया कि वे दो माह के भीतर सभी संबंधित नगर सैनिकों और संबंधित अधिकारी के बयान दर्ज कर आईसीसी के माध्यम से जांच कर रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करें।

सुनवाई के दौरान आयोग ने वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, पुलिस कार्रवाई तथा पारिवारिक मामलों से जुड़े अन्य प्रकरणों में भी दोनों पक्षों को सुनते हुए आवश्यक निर्देश, समझाइश एवं अनुशंसाएं जारी कीं।

कुछ मामलों में पक्षकारों को न्यायालयीन उपाय अपनाने की सलाह दी गई, जबकि कुछ प्रकरणों में महिला थाना, सखी सेंटर तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

एक प्रकरण में पति द्वारा पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण की उपेक्षा किए जाने पर आयोग ने अनावेदक पति को प्रतिमाह 5,000 रुपये भरण-पोषण राशि देने के निर्देश दिए।

वहीं एक अन्य प्रकरण में आवेदिका के नाम से खरीदे गए मकान को लेकर उत्पन्न विवाद में आयोग ने संबंधित पक्ष को एक माह के भीतर मकान खाली करने की समझाइश दी।

महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई आयोग की प्राथमिकता है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।

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