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: भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व तहसीलदार, पटवारी सहित चार के खिलाफ मामला दर्ज एसीआर के खिलाफ़ भी हो जांच

Vivek Sahu

Sun, May 19, 2024
जम्मू/राजौरी /न्यूज उड़ान / एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व तहसीलदार व पटवारी सहित 4 के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया है। एसीबी ने यह मामला पूर्व तहसीलदार राजौरी (अब सेवानिवृत्त) बलवंत सिंह, तत्कालीन पटवारी रेहतल मो. रफीक, निजी लाभार्थी कंवल सिंह निवासी चौधरी नाड़ तहसील राजौरी और मसूद अनवर निवासी चौधरी नाड़ राजौरी के खिलाफ दर्ज किया है।   एसीबी ने शिकायत के आधार पर किए सत्यापन के बाद मामला दर्ज किया है। इसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व तहसीलदार बलवंत सिंह ने कंवल सिंह के साथ साजिश रचकर अनावश्यक कारणों से और गलत इरादे से गांव रेहतल राजौरी के म्यूटेशन संख्या 417 में 25 मार्च 2010 को आदेश पारित किया। मामले के सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि राजस्व अधिकारियों ने अवैध रूप से मनमाने ढंग से लाभार्थी के पक्ष में एंट्री करके भूमि को हस्तांतरित कर दिया। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने 5 कनाल 8 मरले भूमि को कंवल सिंह के पक्ष में एंटर कर दिया, जिससे कंवल सिंह के भाई बृज लाल और अन्यों के अधिकार को नजरअंदाज कर दिया गया। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग कर अपने आर्थिक लाभ के लिए उन्हें अनुचित लाभ प्रदान किया।   राजस्व अधिकारियों ने 1958 के एलबी 06/सी के तहत उत्परिवर्तन संख्या न. 417 और 1966 के एस-432 के तहत उत्परिवर्तन संख्या 419 को दर्ज और सत्यापित किया, दोनों दिनांक 25 मार्च 2010 को खसरा संख्या न. 203 के तहत 03 कनाल, 01 कनाल 09 मरला भूमि के लिए थे। खसरा नंबर 204 और खसरा नंबर 201 के तहत 19 मरला, (कुल 05 कनाल 08 मारले ) कंवल सिंह के पक्ष में, जिससे कंवल सिंह के भाई बृज लाल के अधिकार की अनदेखी की गई जो जो जांच में सामने लिखा आया है।   इसमें कहा गया है कि अधिकारियों ने अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करके और आपस में तथा लाभार्थियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचकर सिर्फ अपने आर्थिक लाभ के लिए उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया।   मामले की जांच जारी है। उस समय के एसीआर के खिलाफ़ भी जांच पड़ताल की जाएगी। बताते चलें की राजौरी जिला के पलमा से ऊपरी क्षेत्र की और रोड साइड एक ऐसी जगह है जिसे कुछ वर्ष पहले सरकारी स्कूल इमारत को रातों रात जमींदोज कर स्कूल के नामों निशान को मिटा दिया गया। किसी के नाम कर दी गई लेकिन प्रशासन और शिक्षा विभाग आंखें मूंद सोया रहा।   बता दें कि जिला राजौरी में भ्रष्टाचार व धांधली के कार्य आज भी जारी हैं जिनकी प्रशासन अनदेखी कर रहा है। .... अनिल भारद्वाज

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