Sunday 25th of October 2026

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छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने कोरबा कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन: मासूम भव्या जोशी की हत्या और दशहरा उत्सव में चाकूबाजी के वि

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कोरबा : छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने कोरबा कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन: मासूम भव्या जोशी की हत्या और दशहरा उत्सव में चाकूबाजी के वि

कोरबा (दैनिक न्यूज उड़ान) जिला अंतर्गत हाल ही में घटित दो गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर गहरा रोष व्याप्त है।

इस संबंध में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन) के जिला संयोजक अतुल दास महंत द्वारा कोरबा कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर त्वरित न्याय, निष्पक्ष जांच और जिले में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की पुरजोर मांग की गई है।

ज्ञापन में उल्लेखित मुख्य घटनाएं और मांगें निम्नलिखित हैं:

प्रमुख घटनाएं जिनका संदर्भ दिया गया है:

1. मासूम भव्या जोशी हत्याकांड: रजगामार क्षेत्र में 19 अक्टूबर 2026 को 7 वर्षीय मासूम भव्या जोशी के साथ हुई दुखद घटना के बाद, 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को पुलिस प्रशासन द्वारा बच्ची का शव बरामद किया गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे कोरबा जिले को झकझोर कर रख दिया है।

2. मुड़ापार दशहरा उत्सव में चाकूबाजी: मानिकपुर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत मुड़ापार दशहरा उत्सव के दौरान चाकू से हमला किए जाने के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु होने की घटना सामने आई है, जिसने धार्मिक व सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

संगठन की प्रमुख मांगें:

• त्वरित न्याय: भव्या जोशी प्रकरण में गहन एवं निष्पक्ष जांच कर मजबूत साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध अविलंब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

• फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई: मामले की त्वरित सुनवाई के लिए इसे फास्ट ट्रैक न्यायालय में भेजा जाए और दोष सिद्ध होने पर अपराध की गंभीरता के अनुरूप कठोरतम वैधानिक दंड (मृत्युदंड) दिलाने हेतु प्रभावी पैरवी की जाए।

• सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा: स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों, सुनसान क्षेत्रों तथा संवेदनशील इलाकों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।

• पुलिस गश्त में बढ़ोतरी: संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए, साथ ही आपातकालीन शिकायतों पर त्वरित एक्शन सुनिश्चित हो।

• सार्वजनिक आयोजनों में कड़े इंतजाम: दशहरा, मेले और धार्मिक उत्सवों जैसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में पर्याप्त पुलिस बल और प्रभावी सुरक्षा योजना लागू की जाए।

• महिला एवं बाल सुरक्षा जागरूकता: विद्यालयों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं तथा शिकायत और सहायता की व्यवस्था को अधिक सुलभ बनाया जाए।

• जवाबदेही और पारदर्शिता: दोनों घटनाओं में की गई पुलिसिया व प्रशासनिक कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा सुधारों की जानकारी संबंधित विभागों द्वारा सार्वजनिक की जाए।

स्पष्ट संदेश:

संगठन ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध द्वेष भावना से नहीं, बल्कि न्याय, सुरक्षा और कानून के शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक (रायपुर) और बिलासपुर पुलिस महानिरीक्षक सहित अन्य संबंधित उच्चाधिकारियों को भी सूचनार्थ और आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।

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